इराक और आज़ादी के बारे म

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belalady
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इराक और आज़ादी के बारे म

Postby belalady » 2005-06-08, 9:20

एक पत्र, कुछ पुराना लेकिन शिक्षाप्रद, सूचना के लिए पढ़ा जा सकता है (और शायद पढ़ा जाना चाहिए)

एक बचकाना और निर्दयी तानाशाह धाराशायी हुआ.

यह एक संपादकीय का शीर्षक हो सकता है. मेरा लक्ष्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है, लेकिन इसके द्वारा हमें अरबी लोगों की उस तानाशाह के प्रति घृणा को समझना चाहिए जो अपनी तस्वीर और ताम्रमूर्ति सार्वजनिक स्थानों और लोगों के घरों में आरोपित करता था. इराक़ी लोग इस शासन के प्रति सहमत होने और स्वयं को मूर्ख साबित करने के लिए मजबूर थे; हमें यह कहना चाहिए कि ऐसे शासक के अधीन होने पर वे पूरे विश्व में कितना लज्जित अनुभव कर रहे थे.

अमरीका के विरूद्ध इस्लामी प्रोपेगंडे ने विशेष रूप से अमरीका के औपनिवेशिक पहलू को महत्व दिया है. मुझे बहुत आश्चर्य हुआ है कि अमरीकी राजनीतिज्ञों ने इसका समुचित रूप से उत्तर क्यों नहीं दिया, जबकि पिछली शताब्दी के दौरान, अमरीका कुछ देशों के विरुद्ध युद्ध छेड़ने पर मजबूर हो गया था और उनकी हार के बावजूद (जैसे कि जापान) उन्हें अपनी पारंपरिक संस्कृति, विचारों, जन वार्ता, कला, कविता, साहित्य, आदि को “मेड इन यू एस ऎ” के लिए परित्याग करने पर विवश नहीं किया था. जापान में (जर्मनी की तरह) अब एक तानाशाह शासन नहीं बल्कि एक लोकतंत्र है और द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद, अमरीका की तरह एक उच्च जीवन स्तर के साथ-साथ सांस्कृतिक रूप से स्वतंत्रता और सामाजिक विकास की ओर अग्रसर हुआ है और एक छोटा देश होने के बावजूद वैज्ञानिक, सांस्कृतिक, तकनीकी क्षेत्रों में अमरीका का प्रतिद्वंद्वी है और टोक्यो सांस्कृतिक रूप से एक महत्वपूर्ण शहर है. इसी प्रकार से इराक़ की स्वतंत्रता अरबी दुनिया के लिए वह सब कुछ लाएगी और संभवत: 20-30 सालों में दूसरे अरब देश इराक़ से ईर्ष्या करेंगे, और बग़दाद एक स्वतंत्र और प्रजातंत्र देश की राजधानी के रूप में उन्नत होगा जो अरबी दुनिया की विशालता के लिए होगा और जिसमें मानवता की भलाई और बेहतरी भी है.

स्वतंत्रता के बारे में एक अंतिम बात. विकास तब तक नहीं हो सकता जब तक कि एक प्रमाणिक धार्मिक स्वतंत्रता हो, विश्वास और भरोसे की, जिसमें अन्य स्वतंत्रताएं निहित हैं: सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, साहित्यिक, पत्रकारिक, कलात्मक, दार्शनिक, आर्थिक, आदि आदि. अंतत:, क्या हम इसके लिए सच्चे दिल से संघर्ष करेंगे? नहीं तो कब तक लोग, विशेषकर अरबी, मुस्लिम परिवारों और धार्मिक नेताओं के प्रभुत्व में, जिम्मेदार वयस्कों की तरह रहने की बजाय पशुओं के झुंड की तरह उपयोग किए जाते रहेंगे. इन देशों में, जहां स्त्रियों को आतंकित और छांव की तरह जीने के लिए विवश किया जाता है, क्या हमें ऎसे और हिंसक आज़ाद बदलाव का इंतज़ार करना होगा? और कब तक दूसरे धर्मों पर सेंसर लगा रहेगा, उनके पालन करने पर या केवल उनके अध्ययन और शिक्षा पर प्रतिबंध लगा रहेगा, जिससे कि वे उसकी तुलना न कर पाएं जो अब तक वे ज़बरदस्ती सीखने पर मजबूर थे, और आत्मविकास की ओर अग्रसर न हो सकें. इससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि ऎसे तानाशाह अपनी जनता को, जो उसे दिल की गहराई में नापसंद करती है, संदेह की दृष्टि से देखते हैं और लोगों को अन्य सूत्रों से सूचना से प्राप्त होने से उन्हें सत्ता खो देने का डर होता है.

इस शासन का पतन क्या सच में उस धार्मिक स्वतंत्रता जिसकी हमें आवश्यकता है, सोच की स्वतंत्रता, की ओर एक वास्तविक कदम है या फ़िर यह एक और धोखा है? क्या हम असली परेशानी को नज़रंदाज करने की बजाय उसका वास्तविक हल ढूंढेंगे?? उदाहरण के तौर पर क्या कैथोलिक ईसाई (मैं मेरे धर्म को मानने वालों के बारे में कह रहा हूं लेकिन ये विचार किसी अन्य धर्मों के लिए भी लागू होते हैं जो इन्हे प्रस्तुत करना चाह सकते हैं) अनंतकाल तक हिंसक रूप से उत्पीड़ित किए जाते रहेंगे, जैसे कि सऊदी अरब में उन्हें न तो गिरिजाघर बनाने की अनुमति है और न ही अपने घरों में पूजा करने की, जबकि हमारे देशों में उन्हें सभी मुस्लिम कार्यकलाप करने की छूट है. ऎसा इतिहास में पहले भी हुआ है, कुछ मूर्ख राजवंश चाहें या न चाहें, एक दिन स्वतंत्रता उनके घरों में भी आएगी. ये मुस्लिम राजवंश जो संभवत: अभी दाँत किटकिटा रहे हैं, चाहे उन्हें अच्छा लगे या न लगे, एक न एक दिन उनकी जनता के लिए लोकतंत्र और सच्ची धार्मिक स्वतंत्रता आएगी, क्योंकि यह ही उनकी उत्तरजीविता के लिए अनिवार्य शर्त होगी. और यह जितना जल्दी हो उतना ही बेहतर होगा.

नोट: चाहे आप कुछ और मान रहे हों लेकिन मेरी नागरिकता स्पेनिश है. आपको यह पत्र भेजते हुए मैं यह आशा करता हूँ कि आप यह समझेंगे कि मैं आपको अपनी राय से अवगत करा रहा हूँ. मैं यह पत्र मेरे आसपास और भी लोगों को भेजूंगा और मैं उम्मीद करता हूँ कि भविष्य के विचारों और वाद-विवादों को थोड़ा बहुत प्रभावित कर पाऊंगा. सुरक्षा के कारणों से (और मुसलमानों / इस्लामी कट्टरपंथियों के प्रति रखनी भी चाहिए) मैंने अपना नाम नहीं दिया है. यदि आप मुझसे सहमत हैं तो आप इस पत्र को जितना हो सके, अपने चारों और ज़िम्मेदार लोगों में फ़ैलाएं (राजनीतिक नेता, पत्रकार, विविध सांस्कृतिक और धार्मिक नेता, आदि).

Copy :
Ministre, :  HE Sir Shri Jual Oram …, Distt Sundargarh, 770 040 (Orissa)
USA Embassy in New Delhi, (HE Sir David C. Mulford),
Sawa-radio (M. Norman J. Pattiz) & The Chairman of the USBBG (M. Kenneth Tomlinson), Usa
Sant Shri Asaramji Ashram,…...Opp City Station, Varanasi, Sri Krishna Cultural Academy, Bangalore
National Herald House (Mr Akhtar), Hindustan (Mr Shekhar Bhatia), & Hindustan Times House (Dr K.K. Birla) & Management, Directors, Time Magazine Letter (chief redactor), The Hindu (chief redactor), Panjab Keshere (Mr Ashwan Kumar), India Perspectives (the editor), Indian Express, India today (New York), The Tribune Press (Mr H.K. Dua), The Pionner, (Mrs Chandrabhan Prasad & Mr Wilson John, Luknow), The Times of India (Mumbai, Ranchi), The Telegraph (Calcutta), Tehelka (MMr Tarum J. Teipal & Amit Sengupta), Aaj Tak (chief redactor),
The International Herald Tribune, (Mr Randy Weddle, Hong Kong), …etc

इराक और आज़ादी के बारे में (in 7 languages)
http://www.faithfreedom.org/forum/viewt ... &highlight> =

A useful comment about IRAQ (now) :
http://www.hudson.org/index.cfm?fuseact ... N=24952293

कृपया इस पत्र की प्राप्ति की सूचना संलग्न पते पर भेजने का कष्ट करें, अन्यथा यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह आप तक पहुंचे, आपको यह पत्र आपको दोबारा भेजा जाएगा. मैं आशा करता हूँ कि आप अन्य संबंधित दस्तावेज निम्नलिखित पते पर पढेंगे :
http://www.faithfreedom.org/forum/ click ‘Search’ and in 2nd line, type the username BELALADY’
or in http://www.pro-american.com/forums/

You can read :

1)Their « ACHILLE’ s HEEL » or what future foreign policy WE NEED :
http://www.faithfreedom.org/forum/viewt ... highlight=
Islamism=? Communisme (sometimes)?? ?. That is the question.
http://groups-beta.google.com/group/soc ... 677165ece7
3) Let us be audacious against terrorism :
http://groups-beta.google.com/group/soc ... d24a9e23d0
4) Nuclear Energy : the only true enemy of Islam !! !!!
http://groups-beta.google.com/group/soc ... b673246f60
5) The ‘HOLY’ cities ?? ??
http://groups-beta.google.com/group/soc ... 24371c9a18
6) The Law of the Jungle and Cave men
http://groups-beta.google.com/group/soc ... 0596b89647
Reasons for Dissension between France and USA
http://groups-beta.google.com/group/soc ... 904e0964e0
7) The ‘PROGRESSION’ of Islam :
http://groups-beta.google.com/group/soc ... acec7cdea6
8) The two pillars of the civilization :
http://groups-beta.google.com/group/soc ... b20e1c8ac7
9) Middle East : The “Transistor effect”
http://groups-beta.google.com/group/soc ... 39092a8c8b


about a very different subject, you can read if you want :
10) About homosexuality :
http://groups-beta.google.com/group/soc ... 00204746b7

etc....etc....etc….

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